गिरिडीह में हाथी का हमला, महुआ चुनने गए बुजुर्ग की मौके पर मौत
गिरिडीह जिले के सरिया थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां झुंड से अलग हुए एक जंगली हाथी ने 65 वर्षीय बुजुर्ग की जान ले ली. घटना परसिया पंचायत के बगड़ो गांव की है और गुरुवार सुबह की बताई जा रही है. मृतक की पहचान जागेश्वर ठाकुर के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, वे रोज की तरह सुबह अपने घर के पास जंगल में महुआ चुनने गए थे. इसी दौरान अचानक जंगल में मौजूद एक भटके हुए हाथी ने उन पर हमला कर दिया. हमला इतना तेज था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई. घटना की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए. इस हादसे के बाद पूरे इलाके में डर और चिंता का माहौल बन गया है.
वन विभाग ने जारी की चेतावनी
वन परिसर पदाधिकारी अंशु पांडेय ने बताया, कि हमला करने वाला हाथी अभी भी उसी जंगल क्षेत्र में मौजूद है. उसे सुरक्षित तरीके से खदेड़ने की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है, कि फिलहाल जंगल की ओर न जाएं और सतर्क रहें, ताकि किसी और तरह की अनहोनी से बचा जा सके.
मुआवजे की घोषणा
प्रशासन की ओर से मृतक के परिजनों को आपदा राहत कोष से 4 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है. तत्काल सहायता के रूप में 50 हजार रुपये दे दिए गए हैं. बाकी 3.5 लाख रुपये कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिए जाएंगे. घटना के समय मुखिया गीता देवी समेत कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे.
बढ़ता हाथियों का खतरा
सरिया क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले करीब 10 वर्षों में हाथियों के हमलों में 11 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं. हाथियों ने न सिर्फ लोगों की जान ली है, बल्कि फसलों और घरों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. कई गांवों में मकान तोड़े जाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक संकट झेलना पड़ा है. इसके अलावा, बकराडीह गांव में जंगली सूअर के हमले में भी एक महिला की मौत हो चुकी है, जिससे जंगल से सटे इलाकों में खतरा और बढ़ गया है.

