किसानों के लिए बड़ी घोषणा: हर विधानसभा क्षेत्र में मिलेगी कोल्ड स्टोरेज सुविधा
झारखंड सरकार ने किसानों को राहत देने की दिशा में एक बड़ा और अहम फैसला लिया है. राज्य के हर विधानसभा क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने की घोषणा की गई है. इस बात की जानकारी कृषि मंत्री शिल्पी नेहा ने विधानसभा में दी. उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक कोल्ड स्टोरेज बनाने का प्रावधान किया गया है. मंत्री ने कहा कि यह फैसला विधायकों की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है, ताकि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सके और भंडारण से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो सके. इससे किसानों को अपनी फसल को सुरक्षित रखने और बेहतर समय पर बेचने का विकल्प मिलेगा.
विधायक जयराम महतो ने उठाया मुद्दा
इस मुद्दे को दुमरी से विधायक जयराम महतो ने विधानसभा में उठाया था. उन्होंने कहा कि राज्य में पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज की कमी के कारण किसानों को अपनी उपज मजबूरी में कम कीमत पर बेचनी पड़ती है. इस पर जवाब देते हुए कृषि मंत्री ने सरकार की योजना की विस्तृत जानकारी दी.
मंत्री ने यह भी बताया कि वर्तमान में राज्य के हर जिले में 5000 मीट्रिक टन क्षमता का कोल्ड स्टोरेज या तो पहले से मौजूद है या निर्माणाधीन है. नई योजना लागू होने के बाद राज्य की भंडारण क्षमता और मजबूत होगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा.
कोल्ड स्टोरेज पर लोन की सुविधा फिलहाल नहीं
हालांकि, किसानों को कोल्ड स्टोरेज में रखी उपज के बदले ऋण देने के सवाल पर मंत्री ने साफ किया कि फिलहाल सरकार के पास इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं है.
सड़क धंसने का मामला भी उठा
विधानसभा में इसी दौरान एक अन्य मुद्दा भी चर्चा में आया. भाजपा विधायक राज सिन्हा ने धनबाद जिले में आठ लेन सड़क के एक हिस्से के धंसने का मामला उठाया. उन्होंने बताया कि 461.9 करोड़ रुपये की लागत से बनी 20 किलोमीटर लंबी इस सड़क का एक हिस्सा पिछले 17 महीनों में आठ बार धंस चुका है.
इस पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्णा किशोर ने कहा कि यदि धन के दुरुपयोग की आशंका पाई जाती है, तो सरकार इस मामले की जांच जरूर कराएगी.
किसानों के लिए क्यों अहम है यह योजना
सरकार की यह पहल राज्य के किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. बेहतर भंडारण सुविधा मिलने से किसान अपनी उपज को सुरक्षित रख सकेंगे और बाजार में सही समय पर बेचकर बेहतर कीमत प्राप्त कर पाएंगे. इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि कृषि क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी.

