इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp के दुनियाभर में यूजर्स हैं. अगर आप भी WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं तो आपको सावधान होने की जरूरत है. दरअसल, स्पाइवेयर अटैक की वजह से कम से कम 24 देशों में लाखों WhatsApp यूजर्स की प्राइवेसी खतरे में है. अकेले इटली में ही ऐसे सात मामलों की पुष्टि हुई है.
लिंक पर क्लिक किए बिना ही हैक हो रहे हैं फोन
इजरायली सर्विलांस कंपनी पैरागॉन सॉल्यूशंस से जुड़े इस स्पाइवेयर का इस्तेमाल पत्रकारों, कार्यकर्ताओं और सिविल सोसाइटी के सदस्यों को निशाना बनाने के लिए किया गया था. इस हमले का सबसे भयावह पहलू यह है कि इसमें ‘जीरो-क्लिक’ हैकिंग का इस्तेमाल किया गया, जिसमें यूजर के किसी इंटरेक्शन की जरूरत नहीं होती. आसान भाषा में जीरो-क्लिक हैक का मतलब है कि अगर यूजर किसी लिंक पर क्लिक नहीं भी करता है तो भी उसका फोन हैक हो सकता है.
WhatsApp की पैरेंट कंपनी मेटा ने पुष्टि की है कि इस मैसेजिंग ऐप पर हैकर्स ने हमला किया है. मेटा ने इटली की नेशनल साइबर सिक्योरिटी एजेंसी को तब अलर्ट किया जब उसे रिपोर्ट मिली कि स्पाइवेयर का इस्तेमाल इटली में कई लोगों की जासूसी करने के लिए किया गया है.
दर्जनों व्हाट्सएप उपयोगकर्ता निशाने पर
स्पाइवेयर हमले से प्रभावित लोगों में जाने-माने प्रवासी बचाव कार्यकर्ता और मेडिटेरेनिया सेविंग ह्यूमन्स के सह-संस्थापक लुका कैसरिनी और खोजी पत्रकार फ्रांसेस्को कैंसेलाटो शामिल थे. लुका कैसरिनी ने मैसेजिंग सेवा से प्राप्त एक व्हाट्सएप अलर्ट साझा किया जिसमें उन्हें बताया गया था कि उनका डिवाइस हैक हो गया है. यह अलर्ट मेटा की उस घोषणा के साथ मेल खाता है जिसमें पैरागॉन सॉल्यूशंस ने दो दर्जन से अधिक देशों में लगभग 90 व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाया था.

