कैप्टन कूल की बढ़ी मुश्किलें! हाईकोर्ट ने महेंद्र सिंह धोनी को 10 लाख रुपये जमा करने का दिया आदेश, जानें क्या है पूरा मामला

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Inlive247 Desk: पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. Madras High Court ने मानहानि के एक अहम मामले में धोनी को 10 लाख रुपये जमा करने का आदेश दिया है. यह रकम केस से जुड़ी एक सीडी के कंटेंट के ट्रांसक्रिप्शन और ट्रांसलेशन के खर्च के लिए तय की गई है.

जानिए क्या है पूरा मामला

धोनी ने रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी जी. संपत कुमार के खिलाफ 100 करोड़ रुपये के मुआवजे का मानहानि मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि संपत कुमार ने उन्हें 2013 के IPL सट्टेबाजी घोटाले से जोड़ा था. इस मामले में जस्टिस आर.एन. मंजुला ने 11 फरवरी को अंतरिम आदेश जारी करते हुए ‘कैप्टन कूल’ को यह निर्देश दिया.

3-4 महीने लगेगा सीडी का ट्रांसक्रिप्शन

कोर्ट के 28 अक्टूबर 2025 के पहले के आदेश के अनुसार, अदालत के इंटरप्रेटर ने सीडी के कंटेंट को ट्रांसक्राइब और अनुवाद करने का काम शुरू कर दिया है. हालांकि, यह प्रक्रिया काफी लंबी और जटिल बताई गई है. जज ने अपने आदेश में कहा कि काम इतना बड़ा है कि एक इंटरप्रेटर और एक टाइपिस्ट को लगभग 3 से 4 महीने तक लगातार इसी पर काम करना पड़ेगा. अतिरिक्त समय और संसाधनों को देखते हुए अदालत ने ट्रांसक्रिप्शन और ट्रांसलेशन का कुल खर्च 10 लाख रुपये तय किया है.

खर्च धोनी को ही उठाना होगा

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सामान्य परिस्थितियों में वादी यानी धोनी को खुद ही यह काम करवा कर दस्तावेज जमा करने होते हैं. लेकिन इस मामले में विशेष परिस्थितियों के कारण अदालत के आधिकारिक इंटरप्रेटर को यह जिम्मेदारी दी गई है. इसी वजह से यह खर्च भी वादी को ही वहन करना होगा. अदालत ने निर्देश दिया है कि इंटरप्रेटर मार्च 2026 के तीसरे सप्ताह तक सीडी के सभी कंटेंट का ट्रांसक्रिप्शन और अनुवाद पूरा कर लें. धोनी को 10 लाख रुपये 12 मार्च 2026 तक मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रिलीफ फंड के खाते में जमा कराने होंगे. मामले की अगली सुनवाई भी 12 मार्च 2026 को ही निर्धारित की गई है.

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